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Shivanand Chaubey

Romance

3  

Shivanand Chaubey

Romance

इश्क और समाज

इश्क और समाज

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इश्क जुनून है इश्क जज़्बात हैं

इश्क प्रेम है इश्क सौगात हैं,

इश्क दरिया हैं अश्कों का

इश्क रूह की मुलाकात हैं।


इश्क मैं और तुम से हम हैं

इश्क सुर हैं इश्क सरगम हैं,

इश्क प्रेम की तराने की तान हैं

इश्क मीरा की भक्ति की कसम है।


इश्क बिन समाज ये सुना सुना है

इश्क राधा की चाहत की इजहार हैं,

इश्क अमर प्रेम है पपिहे की स्वाति से

इश्क तड़प हैं मिलन की बयार हैं।


इश्क दिल की तड़प और धड़कन हैं

इश्क पूजा हैं इश्क इबादत हैं,

इश्क विश्वास हैं इश्क एहसास हैं

इश्क रूह से सच्ची मोहब्बत है।


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