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Ranjana Mathur

Abstract

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Ranjana Mathur

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इस पर्व पर करें हम गर्व

इस पर्व पर करें हम गर्व

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पावन श्रावण का महीना

भिन्न-भिन्न पर्वों से सज्जित। 

इन्हीं त्योहारों में एक है

रक्षाबंधन पर्व पुनीत। 

भाई बहन के शुचि बन्धन को

रक्षा सूत्र सुदृढ़ है बनाता। 

एक कच्चा धागा ये प्रेम का

भाई बहन का सुन्दर नाता। 

रोली अक्षत पान नारियल 

बहन सजा कर थाली लाई। 

बांध नेह प्रतीक वो राखी

माथे तिलक मुंह में मिठाई। 

भैया दे आशीष बहन को 

सदा रक्षा का वचन निभाता। 

रक्षाबंधन के अवसर पर

बहनों को उपहार दिलाता। 

भाई सुखी हो जिये युगों तक

हर बहना यह करे कामना। 

ईश्वर से करे प्रार्थना भाई

खुश हो बहन बस यही भावना। 

पूरे विश्व में एक मिसाल है 

भारतवर्ष का यह प्यारा पर्व।

भाई बहन के अनूठे प्यार का 

हम इस पर्व पर करते हैं गर्व। 



  




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