इंसान को एक सबक
इंसान को एक सबक
डियर डायरी
एक सीख दे गई ये महामारी
जीने के सलीके बता गई।
शाकाहार ही सर्वोत्तम है
मानव शरीर के पोषण के लिए
हर जीव खाने के लिए नहीं है।
इंसान को हदों में रहना होगा
प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का
अंजाम तो भुगतना होगा।
जितना है इंसान का है
उतना ही हर प्राणी का भी है
सब को अपने ढंग से जीना होगा।
यहां अमीरी गरीबी बराबर है
शरीर सबका एक जैसा ही है
शरीर को प्रतिरोधक बनाना होगा।
सबको एक साथ बढ़ना है
सबको एकजुट रहना पड़ेगा
विधि के नियमों का पालन करना होगा।
ये महामारी चेतावनी दे गई
अभी भी समय बाकी है
इंसान का अस्तित्व को बचाना होगा।
