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Antariksha Saha

Romance Tragedy

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Antariksha Saha

Romance Tragedy

इल्म

इल्म

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इल्म भी नहीं हुआ तेरे जाने का

आज भी कही बसती हो मेरे दिल में

इन बारिस की शामों में

अक्सर याद आती हो

हा तेरा घरौंदा छोड़ उड़ गई

पर देखो आज भी संभाल रखा हूँ इस दिल में तुझे।


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