Radha Shrotriya
Romance
तुम एक हवा के ,
झोंके के माफ़िक !
मुझे छूकर ,
गुजर जाते हो!
और मैं तुम्हें पकड़ने की कोशिश,
में भूल जाती हूँ!
हवा भी कहाँ,
रुकती है!
वो बारिश की ब...
आइए आपको रचना...
दोस्ती
पहाड़ों पर रा...
किताबें
यादों की बौछा...
लॉकडाउन
उलझन मन की
प्रेम-पत्र
मन
किसी रोज तुमको पुकारेंगे ये सोचकर हमनें आवाज़ अपनी बचा कर रखी है. किसी रोज तुमको पुकारेंगे ये सोचकर हमनें आवाज़ अपनी बचा कर रखी है.
भागते - दौड़ते आख़िरकार हम ठहर ही जाते हैं। भागते - दौड़ते आख़िरकार हम ठहर ही जाते हैं।
एक दूसरे के हाथों को लेकर हाथ निभाते रहे हर रस्म - - तूफानों को झेलते हुए एक दूसरे के हाथों को लेकर हाथ निभाते रहे हर रस्म - - तूफानों को झेलते हुए
मैं उसे ना सोचूं सोचकर भी सोचता हूँ कुछ इस तरह मेरे ख्यालों में आ जाती है। मैं उसे ना सोचूं सोचकर भी सोचता हूँ कुछ इस तरह मेरे ख्यालों में आ जाती है।
राह न दिखती भय के इस विष को त्याग कर अब कहाँ जाएं, राह न दिखती भय के इस विष को त्याग कर अब कहाँ जाएं,
ऐसे में हवा का ताजा झोंका बन तुम मेरी जिंदगी में आई। ऐसे में हवा का ताजा झोंका बन तुम मेरी जिंदगी में आई।
मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे
बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की तरह। बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की ...
बरसातों में तुम याद मुझे क्यों आती हो ? तुम मुझसे आँखों से ओझल आखिर क्यूँ हो जाती हो? बरसातों में तुम याद मुझे क्यों आती हो ? तुम मुझसे आँखों से ओझल आखिर क्यूँ हो ...
गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था। गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था।
हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ? हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ?
जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो. जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो.
कितना कुछ छूटा एक की खातिर दुःख उनसे क्या करती जाहिर। कितना कुछ छूटा एक की खातिर दुःख उनसे क्या करती जाहिर।
ये दिल हर बात को छुपाता बहुत है दिखता नहीं पर दिल से उसे अपनाता बहुत है । ये दिल हर बात को छुपाता बहुत है दिखता नहीं पर दिल से उसे अपनाता बहुत है ।
तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो. तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो.
साँझ को उनसे, वादा ये था, हम मिलेंगे, हर भोर पर. साँझ को उनसे, वादा ये था, हम मिलेंगे, हर भोर पर.
खामोश रहकर भी इश्क को बदनाम करते हैं कुछ लोग, हम बदनामी से नहीं डरते हम तो फिदा हैं उ खामोश रहकर भी इश्क को बदनाम करते हैं कुछ लोग, हम बदनामी से नहीं डरते हम तो फ...
जबसे लड़े हैं तुझसे नयन ये दिल तेरा हो गया सजन। जबसे लड़े हैं तुझसे नयन ये दिल तेरा हो गया सजन।
हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां दिल लगते। हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां द...
लौट आ जाना बस एक बार ही सही जी भर के तुझे मैं गले लगाऊँ । लौट आ जाना बस एक बार ही सही जी भर के तुझे मैं गले लगाऊँ ।