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V. Aaradhyaa

Tragedy

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V. Aaradhyaa

Tragedy

हुई वो तैयार

हुई वो तैयार

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आज फिर सरेशाम सज गया बाजार

कुछ मनचलों को रिझाने हुई वो तैयार,

ना जाने कितना दर्द छुपाकर वो जीती है

क्या समझ पाएंगे उसके जिस्म के खरीदार?


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