Jai Singh(Jai)
Horror Tragedy
होनी तो होकर रहे, कहते सकल सुजान
हुआ हादसा हवाई, खोई चौदह जान
खोई चौदह जान, हाल ना देखा जांदा
घना हुुआ नुकसान, घाव कभी ना भरंदा
देख भाग्य के लेेख, जान भी पडगी खोनी
नमन दंंपति व लाल, कमी ना पूरी होनी।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
वीरता मैदानेजंग मे ही नही दिखाई जाती है। वीरता मैदानेजंग मे ही नही दिखाई जाती है।
बचे नहीं जब और,कौन जान बचाएगा। दिखे नहीं कुछ और, कौन करीब आएगा।। बचे नहीं जब और,कौन जान बचाएगा। दिखे नहीं कुछ और, कौन करीब आएगा।।
माया, ममता, मोह में, गया कौरवी वंश। शकुनी के इस प्रेम से,बचा न कुल में अंश। माया, ममता, मोह में, गया कौरवी वंश। शकुनी के इस प्रेम से,बचा न कुल में अंश।
भागेगा उनके एक इशारे पर बंदर के तरह उछलकूद करते रहेगा। भागेगा उनके एक इशारे पर बंदर के तरह उछलकूद करते रहेगा।
आस्था का ही संसार भांति भाती के चोला दामन अनन्त चीत्कार पुकार पाखंड बलिवेदी मिट जाता आस्था का ही संसार भांति भाती के चोला दामन अनन्त चीत्कार पुकार पाखंड बलिवेदी ...
जीत हमारी होगी, संजोग सही होगा, सच हमारे साथ होगा। जीत हमारी होगी, संजोग सही होगा, सच हमारे साथ होगा।
हरी पत्तियां न जिनको मिलती वे सब तो हैं आरा दिखते।। हरी पत्तियां न जिनको मिलती वे सब तो हैं आरा दिखते।।
आफ़त में आई है सबों की जान तूफान ने बरसाया है कैसा क़हर। आफ़त में आई है सबों की जान तूफान ने बरसाया है कैसा क़हर।
पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।। पर्याय बस ये शब्द गिद्ध पर्याय बस ये शब्द गिद्ध।।
भुनता अंधविश्वास बीमारी है कुरीतियों कि महामारी है धर्म अधर्म शुभ में अशुभ अहंकार।। भुनता अंधविश्वास बीमारी है कुरीतियों कि महामारी है धर्म अधर्म शुभ में अशुभ अ...
इतना खोकर अरे नियति फिर कौन जिएगा ? शेष रहेगा वही धरा से घृणा करेगा।। इतना खोकर अरे नियति फिर कौन जिएगा ? शेष रहेगा वही धरा से घृणा करेगा।।
प्रभु ही पार उतार सकेंगे, मन में ईश्वर स्मरण सदा करना।। प्रभु ही पार उतार सकेंगे, मन में ईश्वर स्मरण सदा करना।।
अब तक वो दोस्तों का सुराग़ नहीं मिला, आज भी वो कहां पे ये रहस्य नहीं खुला। अब तक वो दोस्तों का सुराग़ नहीं मिला, आज भी वो कहां पे ये रहस्य नहीं खुला।
जख्म जो हमारे हरे हैं, हमें खुद ही भरना होगा। जख्म जो हमारे हरे हैं, हमें खुद ही भरना होगा।
बिना चांदनी कैसा लगता है, मुझसे पुछो बिना दोस्त सब सुनसान लगता है। बिना चांदनी कैसा लगता है, मुझसे पुछो बिना दोस्त सब सुनसान लगता है।
कछुआ जिसका काम उसी को साजे और करे तो बस डंडा पीठ पर बाजे। कछुआ जिसका काम उसी को साजे और करे तो बस डंडा पीठ पर बाजे।
वो धन्य थे वो सच में महान थे। वो धन्य थे वो सच में महान थे।
हर किसको समझ नहीं पाए, हर किसको को समझा नहीं पाए। हर किसको समझ नहीं पाए, हर किसको को समझा नहीं पाए।
शोषित की नवशक्ति बने शोषक जागृति भीति घने॥ शोषित की नवशक्ति बने शोषक जागृति भीति घने॥
क्यों लव जेहाद किसके लिए लव जेहाद खुशहाल खूबसूरत जिंदगी का नरक लव जेहाद।। क्यों लव जेहाद किसके लिए लव जेहाद खुशहाल खूबसूरत जिंदगी का नरक लव जेहाद।।