Jai Singh(Jai)
Horror Tragedy
होनी तो होकर रहे, कहते सकल सुजान
हुआ हादसा हवाई, खोई चौदह जान
खोई चौदह जान, हाल ना देखा जांदा
घना हुुआ नुकसान, घाव कभी ना भरंदा
देख भाग्य के लेेख, जान भी पडगी खोनी
नमन दंंपति व लाल, कमी ना पूरी होनी।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार, उदास कोई किसी को क्या दे दिलासा, कैसे पोंछे आंसू हाथ बंधे हुए, हर कोई बेबस, लाचार...
आज उस बात को बीते हुए करीब दस साल गुज़र चुका है। आज उस बात को बीते हुए करीब दस साल गुज़र चुका है।
उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है। उस बच्ची ने अपनी मां को इशारा करके बताया कि यह रास्ता उसके गांव की तरफ जाता है।
मरहम को इंकार करता वो देश और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की ओर चली दुनिया मरहम को इंकार करता वो देश और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की ओर चली दुनिया
गहरी काली रात ने दिखलाया, एक बार फिर अपना जहरीला जादू। गहरी काली रात ने दिखलाया, एक बार फिर अपना जहरीला जादू।
कृपा निधान कृपा करो हम सब पर, प्रभु अब तो लगता है बहुत हमें डर। कृपा निधान कृपा करो हम सब पर, प्रभु अब तो लगता है बहुत हमें डर।
पर भूल गई थी कि दिल तो मेरा हमेशा से ही बच्चा है जी , सह नहीं सकता किसी को जख्म पहुंचा। पर भूल गई थी कि दिल तो मेरा हमेशा से ही बच्चा है जी , सह नहीं सकता किसी को जख...
नींद आती होगी कि नहीं॥ नींद आती होगी कि नहीं॥
गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की। गुत्थी सुलझ ना पाई आज तक उस रहस्यमयी रात की।
वो सन्नाटा वो डरावनी बरसात की रात आज भी याद है मुझे, आज भी याद है मुझे II वो सन्नाटा वो डरावनी बरसात की रात आज भी याद है मुझे, आज भी याद है मुझे II
बचपन से जिस भूतिया जंगल के बारे में सुनता आ रहा था। बचपन से जिस भूतिया जंगल के बारे में सुनता आ रहा था।
खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले। खून की प्यासी उसकी आत्मा किसी मासूम को अपना शिकार न बना ले।
पर उन्हें तोड़ आगेे बढ़ने पर वह हमको सलामी दे जाएगा। पर उन्हें तोड़ आगेे बढ़ने पर वह हमको सलामी दे जाएगा।
त्रेता में श्रीराम तब आये थे, त्रेता में श्रीराम तब आये थे,
आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से... आती उसके समक्ष सफ़ेद रौशनी मेरी रूह से...
सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार। सुनसान सड़क तेज हवाएंँ हो रही थी बारिश की बौछार।
यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं। यह मंदिर इतना सुंदर बना है। कि इस मंदिर को राजस्थान का खजुराहो कहते हैं।
पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है। पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है।
यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है कभी अम्मी जैसा ख़्वाब ... यह नज़ारा देख रही औरत की नन्ही बच्ची सबक ले रही है और मन ही मन तय कर रही है क...
हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैंने भी एक हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैं...