Jai Singh(Jai)
Horror Tragedy
होनी तो होकर रहे, कहते सकल सुजान
हुआ हादसा हवाई, खोई चौदह जान
खोई चौदह जान, हाल ना देखा जांदा
घना हुुआ नुकसान, घाव कभी ना भरंदा
देख भाग्य के लेेख, जान भी पडगी खोनी
नमन दंंपति व लाल, कमी ना पूरी होनी।
"वंदन नूतन वर...
"ज्ञान के दीप...
पर्व यह ज्योत...
" पटाखे हम न ...
" नमन नमन गु...
"ललई सिंह "
" राखी का त्य...
" भीम ने राखी...
" मेजर ध्यान...
अबला भारत देश...
लेकिन खूनी मोड़, बली लेने से, बाज न आया। लेकिन खूनी मोड़, बली लेने से, बाज न आया।
दरख्तों के साए भी धूप लगती है, बिन पानी के भी प्यास बुझती है। दरख्तों के साए भी धूप लगती है, बिन पानी के भी प्यास बुझती है।
जिनमें कितनों की मौत के फ़रमान होते हैं संदेशों में जिन शिकारों के नाम होते हैं, जिनमें कितनों की मौत के फ़रमान होते हैं संदेशों में जिन शिकारों के नाम होते ह...
क्या हुआ आपको, क्या हुआ आपको फेकू जी, फेकू जी क्या हुआ आप को क्या हुआ आपको, क्या हुआ आपको फेकू जी, फेकू जी क्या हुआ आप को
दिया हुआ है दिया हुआ है
जिनके चेहरे नजर नहीं आते थे... जो भटकते हुए नज़र आते थे... जिनके चेहरे नजर नहीं आते थे... जो भटकते हुए नज़र आते थे...
अपूर्व सा वशीकरण होता है... मृत्यु का एक अलग आकर्षण होता है ! अपूर्व सा वशीकरण होता है... मृत्यु का एक अलग आकर्षण होता है !
शहर के उस पार उस सुनसान हवेली में नहीं जाता कोई पूर्णमासी रात में। शहर के उस पार उस सुनसान हवेली में नहीं जाता कोई पूर्णमासी रात में।
वो तब आया रूह बनकर जब मैं भी रूह बन गया।। वो तब आया रूह बनकर जब मैं भी रूह बन गया।।
दिल में आती है मुस्करातीं है... ये बेटियां बहुत सताती है. दिल में आती है मुस्करातीं है... ये बेटियां बहुत सताती है.
समय- समय पर उनके सन्देश आते हैं जिन्हें भेड़िए अपनी भाषा में कई जगह पहुंचाते हैं समय- समय पर उनके सन्देश आते हैं जिन्हें भेड़िए अपनी भाषा में कई जगह पहुंचाते ...
सबकी पिटाई कर थाने ले जाया गया इस तरह भूतिया हवेली का रहस्य समाप्त हुआ। सबकी पिटाई कर थाने ले जाया गया इस तरह भूतिया हवेली का रहस्य समाप्त हुआ।
एक डर और अजीव रोमांच में, मैं भी अपने घर आ सो गया। एक डर और अजीव रोमांच में, मैं भी अपने घर आ सो गया।
लेकिन याद रखना.... गया अगर अंधेरे में तो छोड़ कर तुझे चली जाऊँगी। लेकिन याद रखना.... गया अगर अंधेरे में तो छोड़ कर तुझे चली जाऊँगी।
हर मनुष्य को एक ना एक दिन मरना ही है। हर मनुष्य को एक ना एक दिन मरना ही है।
खुशी -खुशी से करो राम -राम, ना बने किसी से तो भी भेजना पैगाम। खुशी -खुशी से करो राम -राम, ना बने किसी से तो भी भेजना पैगाम।
और समाज की गंदगी के संपर्क में लाता है मद्यपान, व्यभिचार और मांसाहार जुए के साथी हैं। और समाज की गंदगी के संपर्क में लाता है मद्यपान, व्यभिचार और मांसाहार जुए क...
ऐसा जब होता है तो यह काफी डरावना होता है। ऐसा जब होता है तो यह काफी डरावना होता है।
जहाँ नित -प्रतिदिन हो रहे हैं विश्वास के रिश्तों का खून। जहाँ नित -प्रतिदिन हो रहे हैं विश्वास के रिश्तों का खून।
एहतियात रखना की अभी है मजबूरी दो ग़ज़ की दूरी और मास्क है ज़रूरी। एहतियात रखना की अभी है मजबूरी दो ग़ज़ की दूरी और मास्क है ज़रूरी।