Rahulkumar Chaudhary
Comedy Drama Horror
लफ्ज़ों के दाँत नहीं होते,
फिर भी ये काट लेते हैं
दीवारें खड़ी किये बगैर भी,
हमको बाँट देते हैं !
बेवजह दीवार पर
इल्जाम है बंटवारे का
तमाम लोग एक कमरे
में भी जुदा जुदा रहते हैं।
खुशी ज़िंदगी ...
Untitled
दिल की बात
गतिशील रहिए
इंसान की पहचा...
उड़ान बाकी है...
तेरी ख्वाहिश
लफ्जों का प्य...
एतराज
प्यार की कयाम...
ऊंचा बंगला, लम्बी गाड़ी अब साहब के पास ऊंचा बंगला, लम्बी गाड़ी अब साहब के पास
C for CNN बोले दादी ज़माने का हुआ बर्बादी ! C for CNN बोले दादी ज़माने का हुआ बर्बादी !
इस रस्म को भी पूरा करने में कोई भी टोके ना। इस रस्म को भी पूरा करने में कोई भी टोके ना।
राजनीति में नेतागण कैसे एक-दुसरे को पिछे खींचते है वह तीतर का उदाहरण दे के व्यंगात्मक ढंग से बताया ह... राजनीति में नेतागण कैसे एक-दुसरे को पिछे खींचते है वह तीतर का उदाहरण दे के व्यंग...
कभी गलत तो कभी सही, सबका यही हाल है। कभी गलत तो कभी सही, सबका यही हाल है।
वहम से बचो वहम से बचो
डायबिटिक को दिखा, दिखा खा गरम करारी। डायबिटिक को दिखा, दिखा खा गरम करारी।
कभी खाली हाथ लौटने का योग नहीं रहता है। कभी खाली हाथ लौटने का योग नहीं रहता है।
बहुत शौकीन हूँ फिल्मों का मैं एक दिन मैंने सपना देखा जुहू बीच पर घूम रहा मैं साम बहुत शौकीन हूँ फिल्मों का मैं एक दिन मैंने सपना देखा जुहू बीच पर घूम रहा...
शॉपिंग को चली जाती हैं, चल देती है ऑफर्स की हर जगह। शॉपिंग को चली जाती हैं, चल देती है ऑफर्स की हर जगह।
मच्छर ने हमको काटा, तो उसका जुनून था। हमने उधर खुजलाया, तो हमारा सुकून था। चाह कर भी मार न सके, ... मच्छर ने हमको काटा, तो उसका जुनून था। हमने उधर खुजलाया, तो हमारा सुकून था। च...
दिलासा देकर पति को चिंताएँ स्वयं लेती। दिलासा देकर पति को चिंताएँ स्वयं लेती।
कर्मचरी से बात चल ही रही थी कि शीशे के कमरे से कैशियर चिल्लाया कर्मचरी से बात चल ही रही थी कि शीशे के कमरे से कैशियर चिल्लाया
कल फिर चलेंगे मेरी शाॅपिंग के लिए ओके जान ! कल फिर चलेंगे मेरी शाॅपिंग के लिए ओके जान !
गर्म सांबर इडली व डोसा चाव से खाता मैं चटनी समोसा, मीठा भी मुझे बहुत सुहाता खुशी-ख गर्म सांबर इडली व डोसा चाव से खाता मैं चटनी समोसा, मीठा भी मुझे बहुत स...
तनख्वाह में मैं तो कुछ भी नहीं पाती हूँ, पर देखो अपने पति से ज्यादा कमाती हूं। मेरे तनख्वाह में मैं तो कुछ भी नहीं पाती हूँ, पर देखो अपने पति से ज्यादा कमाती हूं...
भाई के घर उसकी सलोनी मुस्कान कर गयी सबको परेशान। भाई के घर उसकी सलोनी मुस्कान कर गयी सबको परेशान।
हाथ की सफ़ाई दिखाने का हाथ की सफ़ाई दिखाने का
बडा मन था शिमला घुमाएं उन्हें, कंपकंपाती सी सर्दी दिखाएं उन्हें, चार बूंदें जो उनके बदन पर पड़ी, ... बडा मन था शिमला घुमाएं उन्हें, कंपकंपाती सी सर्दी दिखाएं उन्हें, चार बूंदें जो...
कौनसे शहर में सिटी बस की सर्विस अच्छी है...? हर जगह भीड ही भीड है... और इसमे कुछ एेसे अनुभव मिलते है... कौनसे शहर में सिटी बस की सर्विस अच्छी है...? हर जगह भीड ही भीड है... और इसमे कुछ...