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Rahulkumar Chaudhary

Comedy Drama Horror

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Rahulkumar Chaudhary

Comedy Drama Horror

लफ्जों की कहानी

लफ्जों की कहानी

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लफ्ज़ों के दाँत नहीं होते,

फिर भी ये काट लेते हैं


दीवारें खड़ी किये बगैर भी,

हमको बाँट देते हैं !

 

बेवजह दीवार पर

इल्जाम है बंटवारे का


तमाम लोग एक कमरे

में भी जुदा जुदा रहते हैं।


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