Rahulkumar Chaudhary
Comedy Drama Horror
लफ्ज़ों के दाँत नहीं होते,
फिर भी ये काट लेते हैं
दीवारें खड़ी किये बगैर भी,
हमको बाँट देते हैं !
बेवजह दीवार पर
इल्जाम है बंटवारे का
तमाम लोग एक कमरे
में भी जुदा जुदा रहते हैं।
खुशी ज़िंदगी ...
Untitled
दिल की बात
गतिशील रहिए
इंसान की पहचा...
उड़ान बाकी है...
तेरी ख्वाहिश
लफ्जों का प्य...
एतराज
प्यार की कयाम...
भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि भारतीय लोकतंत्र को समर्पित एक भावान्जलि
ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की! ये आजकल की पीढ़ी का, जाने ध्यान कहां रहता है? ना कीमत वक्त, पैसे या मेहनत की!
ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की। ये तुम्हारी या मेरी नहीं अपनी, है ये कहानी घर-घर की।
रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाये/ चीखे रचनात्मक आन्दोलन चलानेवाले कविगण चिल्लाय...
मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो मौसम आधी धूप, आधी बदली वाला सा तुरंत उतारी अच्छी सी फोटो
पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान। पैसे में है भई ! बड़ी जान गरीबो केलिए यह मज़बूरी , और अमीरों के लिए शान।
कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई। कल रात पूजा पंडाल मेंं अजीब बात हो गई।
न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग न यह शिवशंभु का चिट्ठा न परसाई जी का व्यंग
बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता। बस काम ही काम, तनिक न आराम न अवकाश न चिकित्सा सुविधा या कोई भत्ता।
आप दोनों में ये अनुपम सामंजस्य हो ये अजूबा हो ही नहीं सकता है। आप दोनों में ये अनुपम सामंजस्य हो ये अजूबा हो ही नहीं सकता है।
ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर। ऊपर से जाने कहांँ से मिल गया उसे वरदान में सुपर पावर।
मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया। मज़ाक और रसमलाई दोनों का हिसाब बराबर चुकाया।
अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष। अब आप ही बताइए इसमें मेरा क्या है दोष।
आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सांसों से ज्यादा जरूरत ... आजकल सांसें ठीक से ले रहे हो ना, जिंदा तो हो ना वो क्या है ना तुम कहते थे सां...
हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर पोंछते हुआ ऐसा 4,5 मकान छोड़ के सामने वाले घर में मैंने देखा किसी को लंबे बाल आगे लेकर ...
अभी अभी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन मेरे पास आया। अभी अभी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का फोन मेरे पास आया।
द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती। द्वार खड़ी माँ अब आरती उतारती, वीर बढ़ो माँ अब नित हैं पुकारती।
प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था, प्रभु! क्षमा चाहता हूं आना तो मैं दिन में ही चाहता था,
हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं. हुस्न का दीदार होते ही हमारी कमबख्त आंखें दगा दे जाती हैं.
हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा। हाइकु और दोहा, राह में टकरा गए, एक दूजे को घूरा।