Dr. Akshita Aggarwal
Fantasy Inspirational
चाहती हूंँ जीवन में,
पढ़ने बस इतने से अक्षर।
ज़िंदगी में बस कोई,
एक बार आकर मांँग ले,
मुझसे मेरे हस्ताक्षर।
प्रश्न चिन्ह
आँसू
जीवन
शादी का लड्डू
वैलेंटाइन डे ...
ओझल परछाई
गांँव का मेला
सुनहरा इतिहास
यूँ दहेज़ मां...
मेरे गुलाब का...
तेरहवीं की विदाई सुनहरे त्रिकोण का तेरह दिन।। तेरहवीं की विदाई सुनहरे त्रिकोण का तेरह दिन।।
जख्मों को वो अपने खुद सीने लगता है मेरा मन बादलों सा उड़ने लगा है। जख्मों को वो अपने खुद सीने लगता है मेरा मन बादलों सा उड़ने लगा है।
जैसे तुम जाते जाते मेरे चेहरे की उदासी अपनी एक सरसरी निगाह से पढ़ती हो ! जैसे तुम जाते जाते मेरे चेहरे की उदासी अपनी एक सरसरी निगाह से पढ़ती हो !
प्रकृति और मानव का यह सुंदर स्वप्न। प्रकृति और मानव का यह सुंदर स्वप्न।
इस वर्ष भी खुशियां तू भी झोली भर के लाएगा इस वर्ष भी खुशियां तू भी झोली भर के लाएगा
आज भी मेरी आँखें तुम्हारा रस्ता तकती है और तकती रहेगी जब तुम आ नहीं जाते। आज भी मेरी आँखें तुम्हारा रस्ता तकती है और तकती रहेगी जब तुम आ नहीं जाते।
कितनी भी व्याधि है झेली चाहे असफलता दौर रहा कितनी भी व्याधि है झेली चाहे असफलता दौर रहा
इसलिए वो ढलते दिन का लालिमा भरा सूरज वो तारों की शाम ले आती है इसलिए वो ढलते दिन का लालिमा भरा सूरज वो तारों की शाम ले आती है
मैं तो बस इस विश्व को जीवनदान देता हूँ नई ऊर्जा साथ लाता हूँ। मैं तो बस इस विश्व को जीवनदान देता हूँ नई ऊर्जा साथ लाता हूँ।
हो ऐसी जादूगरी मुकम्मल हो ख़्वाब करे सैराब मुझे। हो ऐसी जादूगरी मुकम्मल हो ख़्वाब करे सैराब मुझे।
हो जाए हम अनजान तो ये ही सही जैसे पहले हम कुछ थे ही नहीं। हो जाए हम अनजान तो ये ही सही जैसे पहले हम कुछ थे ही नहीं।
कभी लेखिका तो कभी शायर कहलायेगी जब आना होगा कल्पनाओं का मेरी गली। कभी लेखिका तो कभी शायर कहलायेगी जब आना होगा कल्पनाओं का मेरी गली।
काटें न कभी दग़ा के देना की फूल सदा वफ़ा भरा दे काटें न कभी दग़ा के देना की फूल सदा वफ़ा भरा दे
खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई। खुदगर्जी की अब दुनिया ऐसी हो गई मजे मजे में अपने को ही यारों लुटा गई।
बताती है रस्सी राज़ दहके की, लिख कर शायरी वो मजबूर गया ! बताती है रस्सी राज़ दहके की, लिख कर शायरी वो मजबूर गया !
अंदर ही अंदर खुद से हम लड़ते हैं, सच्चे दिल से आज ये कहते हैं। अंदर ही अंदर खुद से हम लड़ते हैं, सच्चे दिल से आज ये कहते हैं।
और ईश्वर..... तेरी लीला तू जाने बस मुस्करा रहा है तू मुझे देख दूर बैठ कर.....! और ईश्वर..... तेरी लीला तू जाने बस मुस्करा रहा है तू मुझे देख दूर बै...
मेरा मन टटोल रहा है सुनो नववर्ष कुछ बोल रहा है। मेरा मन टटोल रहा है सुनो नववर्ष कुछ बोल रहा है।
चारों तरफ सफेद नजारा, देखने को मिला चारों तरफ सफेद नजारा, देखने को मिला
सातों आसमानों की सैर कर लूं ऐसी कोई पंख लगा लूँ सातों आसमानों की सैर कर लूं ऐसी कोई पंख लगा लूँ