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Pallavi PS

Romance

3  

Pallavi PS

Romance

हसीन यादें

हसीन यादें

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वो शाम हसीन थी,या 

वो बातें हसीन थी,

तुम हसीन थे,या मैं हसीन थी,

या यूं कहुँ की वो यादें हसीन हैं।


वो जाम के प्याले हसीन थे,या 

तुम्हारी वो जाम पीने की अदा हसीन थी

वो बेफिक्र बहती हुई हवाएं हसीन थी ,

या वो तुम्हारी मुस्कुराहट हसीन थी

या यूं कहुँ की वो यादें हसीन हैं।


हाथ पकड़ मेरा तुम्हरा वो कहानी कहना हसीन था या,

तुम्हारी छुअन की वो आहट हसीन थी, 

वो नज़रे हसीन थी तुम्हारी या

मेरा बालों को झटक के तुम्हे देखना हसीन था,

या यूं कहुँ की वो यादें हसीन हैं।


वो पल हसीन था,या वो कल

वो हमें प्यार में पड़ते देखता,

सूरज हसीन था,या उसकी लालिमा,

या यूं कहुँ की वो यादें हसीन हैं।


वो इज़हार-ए-इश्क़ हसीन था,

या तुम्हारा मेरे करीब आते हीं,

मेरे धड़कनो का धड़कना हसीन था,

या यूं कहुँ की वो यादें हसीन हैं।


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