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Nivish kumar Singh

Tragedy Inspirational


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Nivish kumar Singh

Tragedy Inspirational


हरी हरी धरती

हरी हरी धरती

1 min 157 1 min 157

हरि ने बनाया 

हरी हरी धरती हरा हरा गाँव

बहता था पानी जिसमें चलता नाव

राही भी रुका करता देख मिठा छाँव

उजाड़ उसे हम सबने बर्बाद किया

हरि के हरियाली को बहुत कम किया

गुस्से मे अब गाती हरियाली गरम गीत

फिर से हरियाली गीत गाए मीठ

इसलिए मिलकर लगाना होगा

पेड़, पौधे अनेक और अधिक। 



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