हर का कपाट
हर का कपाट
खेत के में जाट होवे.हर का कपाट होवे
कावड़ियों की गेलया उस पालकी की बाट होवे
हर का कपाट
कावड़ियों की
1
भगत गलया भगत रहना गंगे महारानी का
कहनाए के इस रीत पुरानी का
कावड़ियों के सिर पर शिव जी का हाथ हो होवे
हर का
कावड़ियों की
2
बम भोले के भजनों में कावड़ियों का ध्यान खोजा
शिविर के.में रुक के ने कावड़ियों का ठाठ हो जा
भक्ति में झूम उठे महीना वह आठ होवे
हर का....
कावड़ियों.....
3
कांवड़ियों ने हरी द्वारा लागे से रे घना प्यारा
सूरज शालू रोज आजा शरण में देवों मै देव है सबसे न्यारा
बम भोले की दया से कष्टों का काट होवे।
