STORYMIRROR

Modern Meera

Drama

2  

Modern Meera

Drama

होरी रे

होरी रे

1 min
163

मोहे रंग गए मोहन रंगीले

हरे पीले लाल नीले


अब न धोये, छूटती है

श्याम पक्के, सारे फ़ीके


एक मीरा , एक कान्हा

मैं तो बस तेरी बावरी रे

कौन जाने दिवस रैना


प्रीत हर दिन, होरी रे

प्रीत हर दिन, होरी रे।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama