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Modern Meera

Romance

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Modern Meera

Romance

एक बूँद तेरे इश्क़ की

एक बूँद तेरे इश्क़ की

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हथेलियों की लकीरो में

जब भी हिना भरती हूँ मैं

अपने लबालब भरे हुए

दिल पे हाथ रखती हूँ मैं


एक बूँद भी तेरे इश्क़ की

छलक न जाये आँखों से

उड़ न जाये तेरी खुशबु

इन आती जाती सांसो से


क्या दिल मुझको समझाए

और मैं क्या इसको समझाऊँ

तेरे रंग में रंगी सांवरे

सारे जग पे, मैं वारी जाऊं।


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