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Alok Singh

Romance

4  

Alok Singh

Romance

होली

होली

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रंग चढ़ा है इश्क़ का सब पे,

मदहोश हुयें है होली में

अपना तेरा रहा न अब कुछ 

साथ साथ हैं होली में।


उड़ता गुलाल ले

रहा अठखेलियां 

भर सपने आँखों में

खुशिया ही खुशियां 

हो हर छोटे बड़े आंगन में।


पेड़ों की हर पत्ती चमके, 

चिड़ियाँ गाये सुर में

भालू शेर हाथी लखड़भघा 

डांस करे जंगल में होली

आई होली आई गुंजित

है हर दिशाओं में। 


मेरी भी शुभकामना सबको,

इस मंगल होली में

कौन सा रंग तुमको

लगाऊं सोच रहा हूँ मैं।


इश्क़ इबादत में है

बैठा देख रहा हूँ मैं

तन्हा तन्हा दिल है,

सांसों में सूनापन।


अपनी दुआओं में

सिर्फ तुमको,

मांग रहा हूँ मैं।


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