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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Fantasy Inspirational

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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Fantasy Inspirational

होली

होली

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होली का त्योहार है स्वतंत्र, संस्कृति संस्कार है आत्म निर्भरता का रंग खुमार है।।

सौभग्य है ये अभिमान है होली रंग उमंग उत्साह का भाव त्यौहार है होली का त्योहार है।।

बासंती बयार है फागुन की फुहार है होरी की गोरी का इंतजार है

सारे गीले शिकवे दर किनार है होली का त्यौहार है।।

आम के बौर मधुवन की खुशबू ख़ास कली फूल गुलशन गुलज़ार है

मधुमास है होली का त्योहार है।।

माथे बिंदिया आंखों में काजल गोरे रंग पे लाल गुलाल है

बैरागी का खंडित होता बैराग अरे होली का त्योहार है।।

भेद भाव की टूटती दीवार है, गीले शिकवे दर किनार है

ठंडई गुझियों की मिठास है आत्म आत्मा राष्ट्र स्वाभिमान है होली का त्योहार है।।

बूढ़े हुये जवान जवांन है जवां जज्बा जज्बात आसमान है होली का त्योहार है।।

खेतों में झूमती बाली सरसों के पीले फूल महुआ महक सुगंध संसार है होली का त्योहार है।।

सूरज की बढ़ती शान है नदियों की कलवरव तान है जोगीरा फाग गीत गान है।।

अमीर गरीब ऊंच नीच नामो नहीं निशान है प्रेम रंगों के पंख

खुशियों कि खुशबू कि आवनी आकाश है होली का त्योहार है।।

दिल की चाहत का साल इंतज़ार है लाया बसंत बाहर जीवन के दिन चार है

होली हर्ष हज़ार है होली का त्योहार है।।

आत्म चेतना की पुकार ,जागृति जागरण युग आगमन व्यवहार है

आत्म निर्भर राष्ट्र आनंद अनुभूति बारम्बार है होली का त्योहार है।।



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