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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

Inspirational

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Nand Lal Mani Tripathi pitamber

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जननी जन्म भूमि

जननी जन्म भूमि

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 मेरे जीवन पथ उद्देश्य प्रकाश भाग्य भगवान तुझसे ही मेरी पहचान तुझसे ही सांसे धड़कन प्राण!! तू जननी जैसी माँ सामान माँ नें कोख मे रखा नौ मास तेरा कोख धरातल पग प्रथम से अंतिम अंतिम सांसे प्राण प्रणाम!! जननी जन्म भूमि तू, जीवन का पल प्रहर तेरा कोख धरातल तेरा ही आँचल अभिमान!! बचपन किशोर युवा बृद्ध तू देखती पालती निहारती जीवन कि हर चाहत ऊँचाई देती किस्मत भाग्य का आश्चर्य अविनी जन्म भूमि महान!! तुझे देश,जननी जन्म भूमि, मादरे वतन, देश राष्ट्र, कहूँ बता तू ही सम्बोधन क्या नाम दूँ अक्षर शब्द सीमाओं मे सिमित कर पाना संभव नहीं तू भाव प्रवाह!! तेरी माटी के कण कण बसते है प्रभु ईश्वर भाग्य तकदीर भगवान कर्म धर्म जन्म जीवन अतीत भविष्य वर्तमान!! जननी जन्म भूमि भरत भारत तेरा गौरव अतीत स्वर्णिम भविष्य वर्तमान अभिमान!! हे माते जननी जन्म भूमि नमन करूँ शीश धरु तेरे चरणों मे निस दिन संध्या और प्रभात!! हे माते गाता हूँ मैं तेरा ही गुण गान तेरे ही प्रसन्न रहने से मुस्काता भाग्य भगवान!! सुन माते तेरे ही आँचल ममता का परम् प्रतापी पूरुष प्रतिज्ञा देव व्रत आदि अनंत सृष्टि का अभिमान!! नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उत्तर प्रदेश!!


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