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Praveen Gola

Comedy

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Praveen Gola

Comedy

हँसने के लिए

हँसने के लिए

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हँसने के लिए ,

तेरे चेहरे के सिवा कुछ भी नहीं,

जहाँ लब चूमने पर,

बिजली सी कौंध जाती है,

सारी रात तेरी याद का,

और करंट लगाती है।

तेरी नाक से मेरी नाक का टकराना,

मुझे बहुत दर्द देता है,

सैंकड़ों किटाणु मेरे अंदर ...

घुसेड़ देता है।


मेरी जीभ जब तेरी,

कनपटी से गुजरती है,

तेरे कानों पर जमी मैल देख,

एक मतली सी निकलती है। 

इसलिये दिलबर मुझसे मिलने,

अगली बार थोड़ा नहाकर आना,

ये काम भी तभी पनपेगा,

जब चेहरा किसी को करेगा दीवाना।। 


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