Ruchika Nath

Classics Drama Romance


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Ruchika Nath

Classics Drama Romance


हमसफ़र

हमसफ़र

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ए मेरे हमसफ़र , शुक्रिया तेरा मुझे अपनी ज़िन्दगी में शामिल करने का

मुझे तुम पे इख़्तियार देने का,खुद के फ़ैसलों में मेरे मशवरे लेने का

सुबह आँखें खोलते अपनी पनाह देने का


रात अपनी ख़ुशग़वार बातों से पूरे दिन की थकन मिटाने का

तेरी मुस्कुराहटों पे निसार है मेरा दिल, तू मेरे दिल का कोहिनूर है


मेरे लिए तू सबसे अज़ीम है, तू मेरे कमरे के रौशनदानों से आती रोशनी है

तू मेरी हर ख़्वाहिश की इब्तिदा है, तू ही मेरा गूरुर मेरा सुकून भी तू

मुझ में आयी हर अच्छी तब्दीली की वजह भी तू

तू नायाब है मेरे लिए, तू वो हक़ीक़त है जो ख़्वाब से कही ज्यादा ख़ूबसूरत है


तू हमसफ़र है, हमराह है, मेरी आँखों का नूर है तू

मेरे कभी भी न टूटने की वजह है तू, मेरा हौसला है तू

ज़िन्दगी की आज़माईशो में भी मैं तेरा साथ न छोडूंगी, तू रूठ भी जाए तो मना लाऊँगी

मेरी नजर का नज़रिया बनने का शुक्रिया, मेरा इतना ख्याल रखने का शुक्रिया

मुझे अपनी ज़िन्दगी में शामिल करने का, तहे -दिल से शुक्रिया ..


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