हमसाए
हमसाए
अब चलता हूं यारा
अब विदा दो
थक गया हूं, यूं चलते चलते
अब सफर को विराम दो
नहीं अकेली तुम
समझना कभी खुद को
तेरी हर सांस में बसा हूं
दिल में तेरी, तेरी धड़कनों में बसा हूं
सुबह की पहली किरण बनकर
तेरे गालों की लाली बढ़ाऊंगा
चांद की ठंडक में
तूझे बाहों में अपनी समेट लूंगा
झोंका हवा का बनकर
तेरे गालों को यूं छू जाऊंगा
बस जान अब बस
मुस्कुराहट में मुझे याद रखना
नजरों को जब भी बंद करो
दिल में अपने ,मेरी तस्वीर रखना
अब विदा दो
अलविदा नहीं कहेंगे हम
हमसाये है हम दोनों
जुदा कैसे भला फिर होंगे हम।

