हमें भी निभाने देता
हमें भी निभाने देता
अपने जख्मों को न कभी दिखाया तुमने
हमदर्द समझ अच्छा साथ निभाया तुमने
हर गम को अकेले, हो खामोश न सहता
तो हमें आज खुद से अफसोस ये न रहता
काश एक बार आभास तो होने देता
दोस्ती का फर्ज हमें भी निभाने देता
नहीं पढ़ा होगा तू बाइबल कुरान और गीता
धर्म और कर्तव्य से जिसने हर युग को जीता
कृष्ण की सुदामा राम के हनुमान की गाथा
आज भी अमर हैं प्रेम में मगन मीरा, राधा
तुम पर जान छिड़कते हैं ये तो दिखाने देता I
तुम पर जान छिड़कते हैं ये तो दिखाने देता I
काश एक बार आभास तो होने देता
दोस्ती का फर्ज हमें भी निभाने देता
