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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy Inspirational

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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy Inspirational

हमारे भाई हो तुम

हमारे भाई हो तुम

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समझ सकते दर्दे दिल तुम्हारा हमारे भाई हो तुम

इधर ना उधर रहे कभी प्यारा हमारे भाई हो तुम

समझते रहे जिसे तुम अपना तुम्हें कभी माना नहीं

बनाकर मोहरा मरवाया पत्थर हमारे भाई हो तुम

ढाया जुल्मो सितम पाक आदमी से आतंकी बनाया

फैलाया दहशत जन्नते काश्मीर हमारे भाई हो तुम


मर सकते थे ना जी सके जिंदा लाश बनाकर रखा

मौत के साये गुजरा किस्सा सारा हमारे भाई हो तुम

रोना था किस्मत मे हँसना ले लेता था जान तुम्हारी

हरदम डराया दुश्मनों ने तुम को हमारे भाई हो तुम

फूलो अदब वाले हाथों बंदूक राइफल थमा दिया

सीना घाटी खूब धमाकों थर्राया हमारे भाई हो तुम


रहे अलग थलग सारी दुनिया से छोटी बस्ती रही

की उनसे बगावत जीना दुशवारा हमारे भाई हो तुम

खत्म हुये सारे बंधन बेड़ियाँ तुम अब आज़ाद हुये

गले लगाने तुम को भारती पुकारा हमारे भाई हो तुम

खिलेंगे फूल गुलशन तुम गाओगे गीत तरन्नुम में

महकेगा चमन होगा हंसी नज़ारा हमारे भाई हो तुम


गले लगाया दिल भी लगाना बन के भाई ही रहना

लगाओ जय हिन्द जय भारत नारा हमारे भाई हो तुम

धारा तीन सौ सत्तर हटी बेड़ियाँ तेरी गुलामी कटी

घूम कर देख लो हिन्द नज़ारा हमारे भाई हो तुम ।। 



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