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Abdul Rahman

Tragedy

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Abdul Rahman

Tragedy

हम तुम

हम तुम

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छोड़कर तुम मुझे चले जाओगे,

पर मुझे यूं नहीं तुम भुला पाओगे।

तन्हा जब तुम कभी हो जाओगे,

देखना तुम वहां बस मुझे पाओगे।।


छोड़कर तुम मुझे चले जाओगे...

इन सितारों के आगे है जाना हमें,

रोकेगा का क्या भला यह जमाना हमें।

कुछ दिनों तक भले दूर हो जाए हम,

तोड़कर फिर दीवारें है मिलना हमें।।


क्या बताओ भला दूर रह पाओगे,

छोड़कर तुम मुझे चले जाओगे.....

पर मुझे यूं नहीं तुम भुला पाओगे।

साथ छोड़ेगी सांसे जब कभी भी मेरा,

ये खबर तुम कभी ना कभी पाओगे।


मौत की ये खबर सुनके क्या रह पाओगे,

मुझको मालूम है कि भागकर आओगे।।

छोड़कर तुम मुझे चले जाओगे....

चीख कर तुम लाश पर मेरी रोओगे,

क्या है रिश्ता हमारा ये बतलाओगे।


सोचो सोचो जरा गंभीर होके सनम,

मेरे बिन क्या एक दिन भी रह पाओगे।।

छोड़कर तुम मुझे चले जाओगे...


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