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Pooja Ratnakar

Tragedy

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Pooja Ratnakar

Tragedy

हम हिंदी हैं

हम हिंदी हैं

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 आखिर भाषाओं की तोलमोल

 से कब मुक्त होंगे हम ?

अपनी भाषा को मान दे कर 

उसकी ताज से कब युक्त होंगे हम ?


अपनी भाषा को हर देश

मान देते हैं सम्मान देते हैं

जरा सोचें हम इसे क्यों

अपमान देते हैं !


 बच्चों को अंग्रेजी समझ में

जब आती नहीं,

वह शिक्षा से दूर होते हैं

क्यों ना हम शिक्षा का माध्यम 

अपनी भाषा को बनाते हैं ?


अंग्रेजी के दो चार शब्दों को

हम बोल,

अपनी पहचान बनाते हैं

पर हम अंदर से हैं खोखले 

यह दुनिया को जताते हैं।


 आखिर क्या बुराई है,

 हमारी इस हिंदी में ?

हिंदी के शिक्षक शर्माते हैं

सर झुकाते हैं, 

अंग्रेजी के शिक्षक

 सर उठा कर गर्भ जताते हैं।


 अपनी तो छोड़ो 

आने वाली पीढ़ी को

हम क्या सिखाएंगे ?

 पराधीनता का सम्मान करो 

स्वाधीनता का अपमान !


देर ना करो अभी भी वक्त है 

हिंदी को सम्मान के साथ अपनाओ।

फक्र से कहो हम हिंदी हैं 

हमारी भाषा हिंदी है।


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