हम देखेंगे
हम देखेंगे
हम भी दिल का साज़ बजा कर देखेंगे
लब पे इश्क़ का राग सजा कर देखेंगे।
नींद नहीं आंखों में ,आएं ख्वाब कहाँ से
खुली आंख को खाब दिखा कर देखेंगे।
मन करता है इंद्रधनुष से चुन लूँ रंग
बाहों पर सुरखाब लगा कर देखेंगे।
इश्क़ नहीं, कहते ये गहरा दरिया है
इसमें अपनी नाव चला कर देखेंगे।

