Dheerja Sharma
Inspirational
घृणा भी है
प्रेम भी है
तुम पर है तुम क्या चुनोगे!
शोर भी है
शांति भी है
तुम पर है तुम क्या चुनोगे !
युद्ध भी है
बुद्ध भी है
वह नहीं समझेग...
ऐ अच्छी औरत
दर्जी हूँ
पत्नी और चाय
शुक्रिया सैनि...
भू स्खलन
झूठ बोलता है
अलविदा
मेरा घर
युद्ध या बुद्...
जिंदगी के निबंध में ! विशालता नहीं संपूर्णता चाहिए मुझे ! जिंदगी के निबंध में ! विशालता नहीं संपूर्णता चाहिए मुझे !
गुरु हर्ष है भारत का उत्कर्ष है, गुरु है तो हर्षित माॅं भारती सहर्ष है । गुरु हर्ष है भारत का उत्कर्ष है, गुरु है तो हर्षित माॅं भारती सहर्ष है ।
कैसे नजरअंदाज करता तेरी ममतामयी आवाज़ दुनिया की भीड़ में अब मैं रह गया हूँ अनबुझा... कैसे नजरअंदाज करता तेरी ममतामयी आवाज़ दुनिया की भीड़ में अब मैं रह गया...
उनको तेरा ये त्याग और समर्पण बस इक की गई खता ही लगेगा। उनको तेरा ये त्याग और समर्पण बस इक की गई खता ही लगेगा।
सुन लो हिंद के नर नारी , हिंदी जननी हमारी है सुन लो हिंद के नर नारी , हिंदी जननी हमारी है
रोको नहीं उन्हे अब आगे बढ़ने दो तिरंगे को हर बार उँचा करेंगी बेटियाँ। रोको नहीं उन्हे अब आगे बढ़ने दो तिरंगे को हर बार उँचा करेंगी बेटियाँ।
परम रचनाकार है तू मेरा न कुछ अपना है। परम रचनाकार है तू मेरा न कुछ अपना है।
हाँ, नारी के साथ दुर्व्यवहार करना, प्रताड़ित करना मानव रूपी दानव को ले जाएगा असमम मृत्य हाँ, नारी के साथ दुर्व्यवहार करना, प्रताड़ित करना मानव रूपी दानव को ले जाएगा अ...
मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपने जीवन -राग सुनाते हो। मैं वह भाषा हूं, जिसमें तुम अपने जीवन -राग सुनाते हो।
चित-शांत,सतीत्व मर्यादित, अलौकिक-सा किरदार हूँ मैं। चित-शांत,सतीत्व मर्यादित, अलौकिक-सा किरदार हूँ मैं।
उसके हर कर्म में ईश्वर भी, सहयोगी बन जाता। उसके हर कर्म में ईश्वर भी, सहयोगी बन जाता।
तुम स्वार्थी बनकर निपट अपनी अलग दुनिया बसा गये! तुम स्वार्थी बनकर निपट अपनी अलग दुनिया बसा गये!
हाँ मेरी अपनी धरती और मेरा अपना पूरा जहान चाहिये। हाँ मेरी अपनी धरती और मेरा अपना पूरा जहान चाहिये।
माँ बनने के बाद माँ के हर दायित्व के लिए संघर्ष! माँ बनने के बाद माँ के हर दायित्व के लिए संघर्ष!
सबको भुलाकर खुद से कर लो अपनी पहचान मिल जाएगा हर ग़म का तुम्हें असली समाधान सबको भुलाकर खुद से कर लो अपनी पहचान मिल जाएगा हर ग़म का तुम्हें असली समाधान
मातृभाषा उन्नति का आधार है सभी गुणों का सार है, सहज सरल है यह भाषा हिन्दी का हम उपका मातृभाषा उन्नति का आधार है सभी गुणों का सार है, सहज सरल है यह भाषा हिन्...
हिंदी भारत की राजभाषा है हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाना है। हिंदी भारत की राजभाषा है हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाना है।
ममता का प्यार, हर त्याग मुझसे, हाँ मैं नारी हूँ। ममता का प्यार, हर त्याग मुझसे, हाँ मैं नारी हूँ।
गुरु अर्थ में ही नहीं, कर्म से भी बड़ा है। गुरु अर्थ में ही नहीं, कर्म से भी बड़ा है।
बहा दे गुरु सब अवगुण, ज्यों नदिया की धार।। ज्ञान सभी के अंतर में, बैठा पालथी मार।।5। बहा दे गुरु सब अवगुण, ज्यों नदिया की धार।। ज्ञान सभी के अंतर में, बैठा ...