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Dheerja Sharma

Abstract

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Dheerja Sharma

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वह नहीं समझेगा

वह नहीं समझेगा

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वह नहीं समझ पायेगा कि

काम से लौट कर काम पे लगना

कैसा होता है।

वह यह भी नहीं समझ पायेगा

कि पुरुष का संडे

बच्चों का फन डे

उसका रन डे क्यों होता है !

वह स्त्री नहीं है...

नहीं समझ पायेगा !



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