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मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Tragedy Action Classics

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मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

Tragedy Action Classics

हिंदी

हिंदी

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हिंदी 

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मां के आंचल सी पावन हिंदी 

आंगन में तुलसी सी महके हिंदी।


गंगा की निर्मल धारा सी बहती हिंदी 

दादी मां की मीठी लोरी सी हिंदी ।


भारत भू के माथे पर सजी हिंदी 

जन- जन के हृदय में बसी हिंदी ।


मीरा के भजन सी मधुर हिंदी 

प्रेमचंद की कथा-व्यथा कहती हिंदी ।


आज हमारी अमिट पहचान बनी हिंदी 

आओ राजभाषा से राष्ट्रभाषा बनाएं हिंदी ।


लाल किले से दहाड़ती शेरनी सी हिंदी 

देश -दुनिया में परचम लहराती हिंदी ।


खेतों में खलिहानों में चहकती हिंदी 

नगरों में महानगरों में बुलंद होती हिंदी ।


कश्मीर से कन्याकुमारी तक प्यारी हिंदी 

हम हैं बहुभाषी, एकसूत्र में पिरोती हिंदी ।


आओ सब जन मिल गुणगान करें हिंदी 

सब मतभेद भूल, मान बढाएं हिंदी ।


- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा 

ग्राम पंचायत रिहावली, डाक घर तारौली गूजर, फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश 283111

मो. 9627912535


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