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Ragini Sinha

Classics Inspirational

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Ragini Sinha

Classics Inspirational

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

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आखिर क्यों किसी एक दिन 

हिंदी दिवस मनाते हैं।

आज इतनी जोर शोर है,

हो हल्ला चहुओर है।


अंग्रेजी का हरतरफ बोलबाला है,

हिंदी किसी कोने में दुबका पड़ा है।

हिंदी बोलने में लज्जा आती है,

पर अंग्रेजी मेम बनकर रॉब जमाती है।


कैसी शर्म कैसी हया,

हिंदी हमारी मातृभाषा है।

हिंदी का सम्मान करो,

मत उसका अपमान करो।


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