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Rahul Wasulkar

Abstract

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Rahul Wasulkar

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हिन्द के वीरों का स्मरण

हिन्द के वीरों का स्मरण

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हिन्द के बेटों अब तुम जागो, गणतंत्र हमारा चिरायु रहे

हिन्द के वीरों की शहादत पर देश जश्न मनाता रहे

मुकुट कश्मीर आज भी अपना देख सारा जहां जलता रहे

स्वंत्रत और गणतंत्र बस छुट्टी का नाममात्रा ना बनता रहे।


अब स्मरण करता मार्गदर्शकों का साथ आपका मिलता रहे

गांधी जी के आदर्श और उनकी लाठी का सम्मान युही चलता रहे  

आजाद हिंद की फ़ौज वो सुभाष सबको याद रहे

इंकलाब का नारा भगत , राजगुरु और सुखदेव अमर रहे।

सावकार का तेज, मोहंती, बिस्मिल और चंद्रशेखर आजाद रहे।

वीर छत्रपति शिवाजी महाराज का आगाज सैदव दिल में रहे

पूर्णप्रतापी झांसी रानी का त्याग मन में अमर रहे

हर पथ पर जो अड़िग खड़े हिन्द की सेना ही विजय रहे।


सुजलाम सुफलाम, रंग बसंती का सपना हिन्द के बेटों यह तुम्हारा रहे

फर्ज हमारा और यह फर्ज हमें निभाना बस इतना ही बात याद रहें


स्वतंत्र और गणतंत्र पर बस जय हिंद का ही जय जयकारा रहे

इस माटी में हिन्द के वीरों के निशान यह निशान हमेशा ताजा रहे  

हिन्द के बेटों अब तुम जागो, गणतंत्र हमारा चिरायु रहे

हिन्द के वीरों की शहादत पर देश जश्न मनाता रहे।


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