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Rahul Molasi

Abstract

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Rahul Molasi

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हौसले

हौसले

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नहीं एक हार से हौसले को तोड़ा करते है

के जो गिरते है वहीं फिर से उठा करते है।

मंज़िलो को जो आसानी से पाया करते है

मिसाल उनकी कहा लोग दिया करते है।


प्यार करते है हम, कहां रुसवा करते है

लाजमी है कि हर वक़्त याद तुझे करते है।

बदनाम हम नहीं अज्जिज तेरे करते है

नाम तेरे मेरे आगे क्यों लिया करते है।


किस्से कहानियों में याद मुझे करते है

सुना है वो मोहब्बत अब तलक करते है।

में जो दिख जाओ तो नज़रे बचाया करते है

करते है प्यार मगर इजहार नहीं करते है।


जमाने में तो सभी सीख दिया करते है

जाने क्यों खुद अमल उन पे नहीं करते है।

मेरी छोड़ो अजी मेरी क्या बात करते है

ये तो अल्लाह को भी नसीहत करते है।



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