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Abha Chauhan

Romance

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Abha Chauhan

Romance

हाइकु- प्रीत

हाइकु- प्रीत

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पिया विरह

अब सहा ना जाए

कैसे कहूं मैं।


तेरे बिन तो

अब रहा न जाए

मर जाऊं मैं।


प्रीत सुहानी

ये लग गई तोसे

हुई दीवानी।


सब में भूली

जिया तोसे लगाके

बावरी होली।


तेरे नाम का

सिंदूर लगाकर

जोगन होली।



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