STORYMIRROR

गूगल मंत्र

गूगल मंत्र

1 min
335


पुरानी चीजों को हम

छोड़ते जा रहे हैं,

पत्र लिखना तो दूर

हम फोन से भी

कतरा रहें हैं,


सीमित परिधियों में

घुटन महसूस

होती है

उलझे हुए पथ में

सदा ही

वह उलझती है !


एक द्वार बंद है

तो लाख द्वार खुल गए,

प्यार से

चलो जो संग

रास्ते सारे मिल गए,


अब नये

कुछ यन्त्र हैं

जोड़ने के मंत्र हैं,

विश्व को अब जोड़ लो

दूरियाों को तोड़ दो

अब नहीं कोई कहेगा

अब नहीं शिकवा करेगा,


है तुम्हारे हाथ में

शक्ति गूगल यन्त्र की

तुम न भूलोगे कभी

गुण सफलता मंत्र की !!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama