"सुर -सम्राट गुरुदेव "
"सुर -सम्राट गुरुदेव "
नमन StoryMirror"दैनिक सृजनविषय : हास्य व्यंग कविता विधा : मुक्तक घोषणा : मौलिक स्वरचित अप्रकाशित शीर्षक :"सुर -सम्राट गुरुदेव "
विश्लेषण : हर काल के 'जलसा-प्रेमी' गुरुदेवों पर लागू होती है। स्कूल में गाना गाने वाले गुरुदेव हों, या दफ्तर में कविता सुनाने वाले बॉस, या मंच पर भाषण ठोकने वाले नेता - हम सबने कभी न कभी मजबूरी में तालियाँ बजाई हैं।
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