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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Comedy

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Dr Lakshman Jha "Parimal"Author of the Year 2021

Comedy

“AI के युग का 'फिल्टर्ड सच” (हास्य और व्यंग)

“AI के युग का 'फिल्टर्ड सच” (हास्य और व्यंग)

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जयहिंद:StoryMirrorप्रस्तुति:दैनिक सृजनविधा: हास्य और व्यंग कविताघोषणा: स्वरचित मौलिक और अप्रकाशित

संदेश:कविता कहती है - AI शक्ल बना सकता है, शायरी सिखा सकता है, बायो में महक भर सकता है, पर मिलने पर जो भ्रम टूटा है, उसे नहीं जोड़ सकता। तन लुटा और मन लूटा - इस अंतिम पंक्ति में शारीरिक थकान और मानसिक मोहभंग दोनों एक साथ हैं। यही AI का प्रकोप है - उसने प्रेम को आसान तो बनाया, पर सच्चा होना और भी कठिन कर दिया।

दिनाँक:17 अगस्त 2026

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“AI के युग का 'फिल्टर्ड सच”(हास्य और व्यंग)डॉ॰लक्ष्मण झा ‘परिमल’================घर वालों ने ज़ोर लगाया,
शादी मेरी हो जाए,
सुघड़-सुशील, सुशोभन कन्या,
जीवनसाथी मिल जाए।मामा, बहनोई, सगे-संबंधी,
सबसे जमकर गुहार लगाई,
"जल्दी कोई लड़की ढूँढो,
कर दो इसकी भी सगाई!"हम तो पहले से ही 'अच्छे' थे,
लड़की की क्या बात है,
जब चाहूँ तब चुन लूँ उनको,
कहने की क्या बात है!मेरी भी कहीं बात चली तो,
मैं ही टालता रहता था,
"अभी नहीं करनी शादी"
यही बहाना कहता था।पर अब तो खेती उजड़ रही थी,
त्वचा भी मेरी सिकुड़ रही थी,
आखिर कब तक यूँ ही रहेंगे,
सारे विज़न बिगड़ रहे थे।तब मैट्रिमोनी का लिया सहारा,
तब जाकर कुछ संतोष मिला,
एक सुकन्या दिखी वहाँ पर,
तब जाकर मेरा होश खुला।फिर AI गुरु का लिया सहारा,
अब तो भाग्य मेरे जगने लगे,
"शक्ल बनाओ, अक्ल बढ़ाओ"
मेरे अच्छे लेख बनने लगे।था तो मैं पैंतीस का बाबा,
AI ने पच्चीस का बना दिया,
कविता, ग़ज़ल, प्रेम-पत्र लिखना,
मिनटों में मुझे सिखा दिया।फ़िल्टर से गाल गुलाबी हुए,
बालों में काली चमक भर दी,
ChatGPT ने शायर बना डाला,
बायो में मेरे महक भर दी।सब कुछ मानो ठीक हो गया,
अब तो दोनों को मिलना था,
मिलकर बातें करके हमको,
शुभ मुहूर्त निकलवाना था।पर जब हम मिले होटल में,
तब माथा मेरा झट चकराया,
AI की इसमें क्या थी गलती,
जो उसने यह नहीं बतलाया -वह AI से भी तेज़ निकली,
वो भी फ़िल्टर से आई थी,
मैं पैंतीस का ढूँढ रहा था,
वो चालीस की छुपाई थी!एक-दूजे को देखा हमने,
दोनों का तब भ्रम टूटा,
AI के इस प्रकोप में देखो,
तन लुटा और मन लूटा!=================डॉ. लक्ष्मण झा 'परिमल'दुमका ,झारखंड


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