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Sharda Kanoria

Inspirational

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Sharda Kanoria

Inspirational

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा

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नमन मां शारदे


कोटी-कोटी नमन,

दिव्य रूप, सर्व रूप

मेरे जीवन के प्रेरणा स्वरूप,

गुरुओं को मेरा शत शत नमन


कोरे पन्नों पर सजा हुनर,

सुंदर सी किताब बनाते है।

गुरु जिंदगी जीने के, सब गुर सिखाते है। 

गुरु ही तो है... जो बचपन को तराश देश का भविष्य गढ़ जाते है।


बच्चों को अपना ज्ञान सीखा,

जीवन का गौरव बना जाते है। 

गुरु ही तो है.... जो मिट्टी को तराश, खिलौने बना जाते है।


बाग की कलियों को चुन चुन, खूबसूरत फूल बनाते है।

गुरु ही तो है... जो तारों को रोशन कर

सूरज सा दुनिया को चमका जाते है।


ज्ञान की हर बूंद से सींच,

अपनी फसल को लहलहा जाते है।

गुरु ही तो है.... जो

कोई कृष्ण तो कोई अर्जुन बना जाते है।



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