Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

Pramila Singh

Abstract


2  

Pramila Singh

Abstract


गुरु की महिमा

गुरु की महिमा

1 min 336 1 min 336

सभी‌ गुरूओं के चरणों में मेरा प्रणाम

जीवन में सबसे बड़ा तेरा योगदान

कमाई हुई दौलत के‌‌ लुटने का डर

पाई हुई जमीन के बंटने का डर

पर ना कभी लूटेगा ना ही बंटेगा

मिला तुमसे जो हमको ज्ञान

यही ज्ञान हर शिष्य का जीवनआधार

श्री गुरु आपका कोटि कोटि आभार



Rate this content
Log in

More hindi poem from Pramila Singh

Similar hindi poem from Abstract