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Sudha Adesh

Abstract

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Sudha Adesh

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गुलशन नया

गुलशन नया

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प्यार और नफरत के मध्य

है धुंधला आवरण,

प्यार ने मरने न दिया

नफरत ने जीने न दिया ।


प्यार करो

दिल की गहराइयों से,

नफ़रत इतनी ही करो

दिल में थोड़ी गुंजाइश रहे ।


रहना हमको भी यहीं

तुमको भी यहीं,

फिर क्यों नफ़रत में

दिन जाया करें ।


दिल से निकालकर

नफरतों के नागफ़नी,

आओ मिलें गले

सजायें गुलशन नया ।



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