Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Sudha Adesh

Abstract


3  

Sudha Adesh

Abstract


कैसी खामोशी

कैसी खामोशी

1 min 748 1 min 748


यह कैसी दहशत

कैसा डर

कैसी खामोशी 

छाई आज चुहुँ ओर ।


इंसान ही इंसान का

बन बैठा दुश्मन

छिपा बैठा

अपने ही बिल में...


हराना है गर

इस सूक्ष्म वायरस को

 सामाजिक दूरी है

आज जरूरी ।


शेखी में गर

बाहर निकले तुम

लील जाएगा यह

 क्रूर वायरस जिंदगी ।


नहीं देखेगा तुम्हारा

सूट बूट से सजा शरीर

न छोड़ेगा किसी गरीब की कुटिया ।

सब बराबर हैं इसके लिए


बेमतलब के टोटके

मंदिर, मस्जिद,

 गुरुद्वारे, चर्च भी

न बचा पायेंगे तुम्हें...।


हाँ जाते-जाते 

संदेश जरूर दे जाएगा

देश, जाति, धर्म भाषा से परे

हम सिर्फ मात्र शरीर हैं ...।


शांति से रहो,

शांति से रहने दो

वसुधेव कुटुम्बक 

मात्र शब्द नहीं, सच्चाई है ।



Rate this content
Log in

More hindi poem from Sudha Adesh

Similar hindi poem from Abstract