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Archana Tiwary

Abstract

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Archana Tiwary

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ये रातें

ये रातें

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कुछ थमी थमी गहराई सी रात है 

कुछ अनसुनी 

कुछ अनकही सी रात है 

ख्वाब है मेरे हसीन

 इस रात को भी मालूम है 


झिलमिल सितारे संग 

जाग रहे स्वप्न मेरे

जगमग सी रात 

रोशन सारा जहां है 


दिखा टूटा तारा एक कहीं दूर 

कह दी चुपके से दिल की बातें 

पूरी जो हुई यह तमन्ना मेरी

 बन जाएगी दुनिया जन्नत मेरी

रात की ये खामोशी


कहती न जाने बातें कई

सुन पाता वही

अहसास होते 

जागे जागे से जिनके।


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