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जगन्नाथ "पृथक"

Classics Inspirational Others

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जगन्नाथ "पृथक"

Classics Inspirational Others

गीत/गा रहा तिरंगा

गीत/गा रहा तिरंगा

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गा रहा तिरंगा, गीत बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,

सीना है तना हुआ,
भारी-भारी चाल है,
सिर है आसमान को,
वीरों सा कमाल है,
मातरम् बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,
तीनों रंग संग हैं, अशोक चक्र मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,

दे रहा है नई दिशा,
भारत को भविष्य की,
अंगुली थाम बड़ रहा,
जोड़ी गुरु शिष्य की,
मातरम् बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,
खेल हो रहा कहीं पे, नाच गान मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्,
मातरम् बन्दे मातरम्।

जगन्नाथ "पृथक"
9926423930


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