गहरापन
गहरापन
जिंदगी को बार-बार छानकर महीन बनाया है।
सुखदाई बने इसलिए मध्यम आंच पर पकाया है।
नमक भी सही मात्रा में ही मिलाया है
बड़े जतन से इसे लज्जतदार बनाया है।
लफ्जों को मांझकर चमकाया है
जिंदगी को अंतिम चोट तक तराशकर
शालीनता का वर्क चढ़ाया है
बड़े जतन से समुद्र-सा गहरापन आया है।
