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Monika Sharma "mann"

Tragedy

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Monika Sharma "mann"

Tragedy

घर में रह भाई

घर में रह भाई

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घर बैठ भाई इसमें तेरा क्या जाएगा

ना घर बैठा तो 

घाटा ही घाटा पाएगा।

खुद तू मरेगा

दूसरों का काल तू बन जाएगा।

अपने घर से शुरू हो

न जाने कितना आंँकड़ा बनाएगा।

घर बंधु तेरा क्या जाएगा 

समय दे परिवार को खुशियांँ

इसी से पाएगा।

ना रहा तू जो जहांँ में 

फिर पछताएगा।

घर बैठ भाई इसमें तेरा क्या जाएगा।


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