STORYMIRROR

Alok Singh

Romance

2  

Alok Singh

Romance

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 min
215

तू मेरी नयी उपमा तू मेरी गज़ल है 

तू मेरी नयी नज़्म तू मेरी फज़ल है 


कहते हैं मैं लिखता हूं ,खुद को आज कल 

मैं कहता हूं कि तू सिर्फ मेरी सज़ल है। 


फज़ल ,,प्राथमिकता

सज़ल ,,वादा,


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance