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Padma Motwani

Inspirational

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Padma Motwani

Inspirational

गौरव गान

गौरव गान

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      मेरा देश मेरा ईमान है, यह मेरी आन, बान व शान है

गौरव है यह पूरी दुनिया का, इसी से मेरी पहचान है।


युगों युगों से ज्ञान गंगा बहती कोने कोने भारत देश में

प्रेरणा और कर्म की पूजा होती निष्ठा से पूरे देश में।


संत महात्माओं के परम विचारों का अखंड भंडार है

भारतीय सनातन धर्म जीवन का आदर्श आधार है।


हर धर्म जाति के लोग यहां, सबका अपना गौरव है

खान पान है भिन्न भिन्न, संस्कृति उनकी पहचान है।


गौरवान्वित है नारी यहाँ की, मान है उन माताओं पर

न्योछावर हुए कई लाल जिनके एक ही आवाज़ पर।


महापुरुषों की धरती है, यहां आज़ादी के कई परवाने

पूरा विश्व इसके साहित्य सभ्यता को भी है पहचाने।


एक ही अभिलाषा रहती है, इसका गौरव कायम रहे,

लाख तकरार हो मुल्कों में, अपने देश का सम्मान रहे।


ज़िंदगी की किताब में ऐसा चित्रित हो अपने कर्मों से 

देश की गौरव गाथा बने, उसमें लिखे अल्फ़ाज़ों से।



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