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MANISHA JHA

Romance

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MANISHA JHA

Romance

एतबार

एतबार

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वो शिकायतें जो मैं बयां ना कर सकी

मुझे हर पल तुझसे दूर ले गया

वो दर्द जो मैं तेरे साथ सहती रही

मुझको मुझसे दूर ले गया

हर हाल में हाँ में हाँ मिलाने की आदत

मेरे जमीर को मुझसे दूर ले गया

तेरे अल्फाज़ जिसमें एतबार ना था

मेरी खुशियों को मुझसे दूर ले गया


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