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Kavita Verma

Abstract

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Kavita Verma

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एक टुकड़ा आसमान

एक टुकड़ा आसमान

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दीवार के ठोस पन के बीच 

एक छोटा सा द्वार 

खिड़की 

जो भीतर को देता विस्तार 

और बाहर से लाता खुशनुमा उजाला

झोंका हवा और खुले विचारों का 

देता है विस्तार नजरों ही नहीं 

नजरिये को भी। 


दीवारों से घिरे ब्रह्मांड को 

देता है मौका मिलने का 

शेष ब्रह्मांड से 


और मुझे 

देता है एक टुकड़ा

आसमान। 



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