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Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

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Preeti Sharma "ASEEM"

Tragedy

एक ....था

एक ....था

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एक था... निरमिष ।

पिया जीवन का अनंत विष।

एक था... निरमिष।।


बचपन से ही, जीवन का बोझा ढोया।

पिता के लिए जीवन भर रोया।।

हार न मानी, परिस्थितियों से।

जीवन को एक प्रेरणा कर सोया।।


एक था ...निरमिष।

जिसने पीया जीवन का अनंत विष।।


खुद पर हँसता।

जीवन को रचता।

आड़ी -तिरछी रेखाओं से,

जीवन के सत्य में जचता।।


एक है...... निरमिष।

जो खुद को था..... करके है हंसता।

जीवन के सत्य को,

मानने से नही बचता।।


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