STORYMIRROR

Sunil Maheshwari

Drama

2  

Sunil Maheshwari

Drama

श्राद्ध-एक कुप्रथा

श्राद्ध-एक कुप्रथा

1 min
167

श्राद्ध एक है कुप्रथा 

श्राद्ध न कोई निदान 

जीवन के तत्क्षणो में 

ये कुप्रथा है महान


पाखंड और आडंबर में 

कर्जे का मोहताज है 

स्वार्थी लोगो का रचा हुआ 

ये षड्यंत्र एक राज है।


कैसी भी हो स्थिति 

विरोध लोग बढ़ाएंगे 

मोक्ष के चक्कर में 

झूठा इतिहास बनाएंगे।


जीते जी ही सत्कर्म करो 

मोक्ष है न कोई मरने पर 

आओ रोके इस कुप्रथा को

पल रही नित् जो बेल कोई।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama