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Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Romance

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Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Romance

ए यार ज़रा मुड कर तो देख

ए यार ज़रा मुड कर तो देख

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ए यार ज़रा मुड कर तो देख 


तेरे लिए सब रोका तो है 

तेरे लिए सब मौका तो है 

सच् प्यार अगर हो जाहिर करे 

सच् यार अगर हो फिर क्यूँ डरे 

ए यार ज़रा झुक कर तो देख !


सुन्दर सा चमन है तेरे लिए 

उज्जवल सा गगन है तेरे लिए 

पूरा ये उपवन अदभूत सजीव 

ज़ितना भी देखो मन ना भरे 

ए यार ज़रा जी भर के तो देख !


कब तक, तु किसका इंतेजार करे 

अब तक , तु इतनी क्यूँ आहें भरे 

बाकी की जवानी किसके लिए 

दिल की रवानी किसके लिए 

ए यार ज़रा जुड कर के तो देख !


ए यार ज़रा मुड कर के तो देख !



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